छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 सत्र 23 फरवरी से, मंतातरण विरोधी कानून और 2 लाख करोड़ के बजट पर फोकस

 रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद गरमागरम रहने के आसार हैं। इस सत्र में साय सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य निपटाएगी। चर्चा है कि सरकार इस सत्र में बहुप्रतीक्षित मंतातरण विरोधी विधेयक पेश कर सकती है।

राजनीतिक सरगर्मियां तेज

सत्र की तैयारियों और सदन में घेराबंदी की रणनीति बनाने के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने 23 फरवरी की शाम चार बजे राजीव भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। वहीं, सत्तापक्ष भाजपा ने भी सदन की कार्यवाही को लेकर रणनीति तैयार करने के लिए उसी दिन अपने विधायक दल की बैठक आहूत की है।

24 फरवरी को वित्‍त मंत्री करेंगे पेश, विजन 2047 पर जोर

24 फरवरी 2026 को विधानसभा सत्र में अपना बजट पेश करेगी. वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जानकारी दी कि यह बजट नई थीम और विजन के साथ आएगा, जैसा कि पिछले बजट में “ज्ञान” और “गति” पर जोर था. उन्होंने बताया कि इस बार बजट का दृष्टिकोण विजन 2047 के अनुरूप होगा, जिसमें दीर्घकालिक विकास और रणनीति को स्थान दिया जाएगा जबकि मुख्य वर्गों के लिए विशेष पहल बनाए जाने की बातें उठीं.

बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें पहले दिन राज्यपाल अभिभाषण देंगे और अगले दिन यानि 24 फरवरी को बजट दस्तावेज पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री का कहना है कि बजट 2026-27 में महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ-साथ आधारभूत संरचना, खेल एवं स्वास्थ्य जैसी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान होगा. बजट सत्र लगभग 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें शामिल होंगी.

बजट की तैयारी और प्राथमिकताएँ में विजन 2047 
छत्तीसगढ़ का यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए रोडमैप भी पेश करेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि बजट में नए विजन और दीर्घकालिक रोडमैप के साथ 2047 तक प्रदेश के विकास की दिशा दिखाई जाएगी और इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा.

महिला, युवा और किसान केंद्रित योजनाएँ
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बार बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए विशेष अनुदान और योजनाओं पर जोर दिया जाएगा. पिछले बजट के अनुभवों से सीख लेकर इस बार इन वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट और रोजगार सृजन से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है.

इन्फ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाएँ
सूत्रों के मुताबिक इस बजट में राज्य के नगर पंचायतों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग ₹100 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है. इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और नवीनीकरण योजनाएँ भी शामिल होने की संभावना है, जिससे युवा वर्ग के लिए खेल और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे.

आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर फोकस
इस बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि प्रोत्साहन के लिए मजबूत प्रावधान किए जाने की बात सामने आ रही है. बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों को कितना वित्तीय समर्थन मिलेगा और किस तरह की दीर्घकालिक योजनाएँ लागू होंगी.  विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक गति को बनाए रखने और सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इसे विकास, रोजगार और आधारभूत सेवाओं को मजबूत करने वाले प्रावधानों के रूप में देखा जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप हो सकते हैं.

दो लाख करोड़ का हो सकता है बजट

सत्र के दूसरे दिन यानी 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में राज्य का वार्षिक बजट प्रस्तुत करेंगे। अनुमान है कि इस बार बजट का आकार दो लाख करोड़ रुपये के आसपास होगा। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष प्राविधान और बड़ी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है।

1,000 से अधिक सवाल

20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। अब तक विधानसभा सचिवालय में एक हजार से अधिक प्रश्न लगाए जा चुके हैं। आधा दर्जन से अधिक विधेयकों के सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है, जिनमें से मंतातरण विरोधी कानून पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

 

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