सीएम योगी आज गोरखपुर में करेंगे एसटीपीआई केंद्र का उद्घाटन, आईटी-स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा नया बल

सीएम योगी गोरखपुर में आज एसटीपीआई केंद्र का करेंगे उद्घाटन, आईटी-स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा मजबूत आधार

पूर्वांचल को मिलेगी टेक्नोलॉजी की नई उड़ान,  रोजगार और निवेश का नया हब बनेगा गोरखपुर

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने के लिए गुरुवार को गोरखपुर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन करेंगे। लगभग 19.8 करोड़ रुपये की लागत से गीडा क्षेत्र में निर्मित यह केंद्र पूर्वांचल के युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए बड़े अवसरों का द्वार खोलेगा। 25,000 वर्ग फुट में विकसित यह सुविधा न केवल आईटी उद्योग को गति देगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार सृजन और डिजिटल सशक्तीकरण को भी नई दिशा देगी। 

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस, स्टार्टअप्स को मिलेगा प्लेटफॉर्म
गोरखपुर एसटीपीआई केंद्र को प्लग एंड प्ले कार्यक्षेत्र, इन्क्यूबेशन स्पेस और आधुनिक नेटवर्किंग सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां 50 सीटों वाला कार्यक्षेत्र, 6000 वर्ग फुट का रॉ और सेमी-फर्निश्ड इन्क्यूबेशन स्पेस, 54 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र स्टार्टअप्स, एमएसएमई और आईटी कंपनियों को अपने विचारों को विकसित करने और बाजार तक पहुंचाने के लिए मजबूत आधार देगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक प्रमुख स्वायत्त संस्था है, जिसने देश में आईटी/आईटीईएस निर्यात को बढ़ावा देने, उद्योगों को सक्षम बनाने तथा तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसटीपीआई, अपने 70 केंद्रों (जिनमें से 62 केंद्र टियर-II/III शहरों में हैं) के माध्यम से आईटी/आईटीईएस एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने हेतु कार्य कर रहा है।

पूर्वांचल में नवाचार और रोजगार का नया केंद्र
यह केंद्र खासतौर पर पूर्वांचल क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करेगा। एसटीपीआई के माध्यम से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भी तैयार किया जाएगा। यह पहल क्षेत्रीय असंतुलन को कम करते हुए छोटे शहरों को टेक्नोलॉजी हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहले से नोएडा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में एसटीपीआई केंद्र सक्रिय हैं, जिससे राज्य का आईटी/आईटीईएस निर्यात लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा करीब 48,231 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। गोरखपुर केंद्र के शुरू होने से यह नेटवर्क और मजबूत होगा तथा प्रदेश को देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। 

प्रदेश के आईटी सेक्टर को मिल रहा विस्तार
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया ने उभ
रती प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और वित्तीय प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर नवाचार को नई गति प्रदान की है। लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थापित मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह केंद्र चिकित्सकीय उपकरणों, डिजिटल स्वास्थ्य समाधान और स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देता है तथा नवउद्यमों को चिकित्सा क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान करता है।

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