भोपाल
डायल-112 आपात स्थितियों में केवल त्वरित पहुँच ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानवीय हस्तक्षेप के माध्यम से वन रक्षा का भरोसेमंद माध्यम है। देवास जिले में डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर हृदयघात से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाकर अपनी दक्षता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
दिनांक 24 फरवरी 2026 को देवासजिले के थाना टोकखुर्द अंतर्गत ग्राम कलमा स्थित शर्मा पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति के अचानक हृदयघात का दौरा पड़ने से बेहोश हो जाने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना टोकखुर्द क्षेत्र में तैनात नजदीकी डायल-112 को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुँचकर डायल-112 एफआरवी में तैनातप्रधान आरक्षक राकेश डामोरएवंपायलट यशवंत पटेलने पाया कि व्यक्ति बेहोशी की अवस्था में है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाएसीपीआरदेना प्रारंभ किया। कुछ मिनटों की निरंतर और सटीक प्रक्रिया के पश्चात पीड़ित को होश आया।
इसके पश्चात डायल-112 जवानों द्वारा चिकित्सा वाहन की सहायता से पीड़ित व्यक्ति को उपचार हेतुजिला अस्पताल देवासपहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, नियमित प्रशिक्षण और व्यावसायिक दक्षता के कारण यह वन रक्षक सहायता समय पर संभव हो सकी। पीड़ित के परिजनों ने डायल-112 सेवा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया।
डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह साहसिक एवं मानवीय कार्य पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के संकल्प को सुदृढ़ करता है।