मथुरा में ईद पर हिंसा, गौ-सेवक की मौत से भड़का गुस्सा, दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, पुलिस ने चलाईं रबड़ गोलियां

 मथुरा 

उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा’ नाम से मशहूर चंद्रशेखर की गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई। जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। जानकारी के मुताबिक फरसा वाले बाबा गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। इस दौरान कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंची और लोगों को समाझाने की कोशिश की। लेकिन जब देखते ही देखते हालात बिगड गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं।।

कान्हा की नगरी ब्रज में ईद वाले दिन बवाल मच गया. आरोप है कि मथुरा के थाना कोसीकलां के अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में बीती रात विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी. जबकि एसएसपी ने कोहरे को टक्कर की वजह बताई है. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस दौरान गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया. जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और यातायात कई घंटे प्रभावित रहा ।

जानकारी के मुताबिक घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर इलाके की है। फरसे वाले बाबा को क्षेत्र में गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा कर रहे थे। नवीपुर के पास पीछे से आ रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कौन हैं फरसा वाले बाबा?
मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे. वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे. गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और वे प्रखर गौरक्षक व संत के रूप में जाने जाते थे. मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे. वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी। 

हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव
वहीं जैसे-जैसे भीड़ जुटती गई, आक्रोश बढ़ता गया. इस दौरान आगरा दिल्ली हाईवे पर आक्रोशित भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया. अचानक हुआ पथराव से भगदड़ मच गई. हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव से लोग सहम गए. पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन भीड़ के आगे पुलिसकर्मियों के कदम भी पीछे हट गए। 

हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा
बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित बाबा की गोशाला पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा हैं. बाबा ‘फरसा वाले’ अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के लिए ब्रज क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे. उनकी हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी रोष व्याप्त है। 

एक आरोपी पकड़ा गया, तीन फरार
स्थानीय लोगों ने मौके से एक मुस्लिम युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन आरोपी वारदात के बाद फरार होने में सफल रहे. पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी है। 

गौ रक्षक की हत्या के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। बताया जा रहा है कि डीआईजी द्वारा समझाने के प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए।

जाम के कारण हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें विदेशी नागरिक भी फंसे रहे। कई वाहन चालक गलत दिशा से निकलने की कोशिश करते नजर आए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।इस दौरान उग्र भीड़ ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *