भोपाल
मध्यप्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस नए सिस्टम का प्रभाव खासतौर पर पूर्वी क्षेत्रों—जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा।
इससे पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर तेज रहेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी पड़ेगा।फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में नहीं दिखेगा।
अगले तीन दिनों तक चढ़ेगा अधिकतम तापमान
वहीं बारिश से पहले लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री के पार रहा. जबकि 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश का दौर चला था, जिसके थमते ही गर्मी का असर बढ़ गया है. अब 26 मार्च से शुरू होने वाले नए सिस्टम से एक बार फिर तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. प्रदेश में रायसेन जिले में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 9.4°C दर्ज किया गया.
इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान
भोपाल में 33.0°C
इंदौर में 33.4°C
जबलपुर में 31.3°C
ग्वालियर में 31.8°C
उज्जैन में 34.0°C
बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
भोपाल में 14.9°C
इंदौर में 17.3°C
जबलपुर में 14.5°C
ग्वालियर में 16.5°C
उज्जैन में 15.2°C
बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी
18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर रहा। शनिवार और रविवार को मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।
अगर प्रमुख शहरों की बात करें, तो उज्जैन में 34°C, इंदौर में 33.3°C, भोपाल में 33°C, ग्वालियर में 31.8°C और जबलपुर में 31.3°C तापमान दर्ज किया गया।
वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6°C, रतलाम में 37.2°C, खरगोन और नरसिंहपुर में 36°C तथा गुना में 33°C तापमान दर्ज हुआ। रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में तापमान में बढ़ोतरी देखी गई।
बारिश-ओलों से बदला था मौसमह
ल ही में 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिससे मौसम ठंडा रहा। हालांकि, शनिवार और रविवार को यह सिलसिला थम गया, जिसके बाद गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया।
इंदौर-भोपाल समेत इन शहरों में बढ़ा तापमान
रविवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, रविवार को लगभग हर शहर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई।
चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा।
फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा।
मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा।
अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।
भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश
भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है।
वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।