प्रदेश के विद्यार्थियों ने देखी उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जीवन शैली

भोपाल. 
"एक भारत-श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम अंतर्गत मध्यप्रदेश एवं नागालैंड के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक समन्वय को बनाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक्सपोज़र विज़िट” का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने एक से 7 अप्रैल के बीच नागालैंड का भ्रमण किया। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को उत्तर-पूर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जीवनशैली को देखा। अब तक इस कार्यक्रम में 4 दलों को नागालैंड भ्रमण के लिए भेजा जा चुका है। विभाग द्वारा पहली बार इस तरह की पहल शुरू की गई है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया।

एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने नागालैंड के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया। इसमें कोहिमा, खोनोमा (भारत का प्रथम ग्रीन विलेज), किसामा विलेज (हॉर्नबिल महोत्सव स्थल), कोहिमा वॉर सेमेट्री (द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक) एवं कैथेड्रल चर्च शामिल हैं। खोनोमा में विद्यार्थियों ने पारंपरिक जनजातीय जीवन एवं सांस्कृतिक संरचनाओं का अवलोकन भी किया।

एक्सपोजर विजिट में जोत्सोमा स्थित शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों का भी भ्रमण किया। स्थानीय छात्रों के साथ संवाद कर उनकी शिक्षा प्रणाली एवं दैनिक जीवन को समझा। साथ ही शिक्षकों द्वारा वहां प्रचलित शैक्षणिक नवाचारों एवं ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का अध्ययन किया गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा लोक नृत्य, संगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों द्वारा ‘कर्मा नृत्य’ की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अतिरिक्त दीमापुर स्थित नागालैंड विज्ञान केंद्र, बांस संसाधन केंद्र एवं कचरी अवशेषों का भी अवलोकन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को क्षेत्रीय इतिहास एवं विज्ञान संबंधी जानकारी प्राप्त हुई। यात्रा का समापन नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट एवं नेशनल वॉर मेमोरियल के भ्रमण के साथ हुआ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *