पहचान छिपाकर बनाया शिकार: अंबिकापुर केस में आरोपी राजा अंसारी को उम्रकैद की सजा

अंबिकापुर
खुद की पहचान छिपाकर शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी राजा अंसारी अंबिकापुर के मोमिनपुरा का रहने वाला है लेकिन उसने राजा महंत बनकर पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाई थी। शादी का झांसा देकर उसके साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि पीड़िता द्वारा दूरी बना लेने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी थी। अतिरिक्त लोक अभियोजक अभिषेक कश्यप ने बताया कि सरगुजा जिले के एक गांव की युवती की मुलाकात आरोपी से मेले में हुई थी। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी पहचान छिपाकर खुद को राजा महंत बताया था।

परिचय होने के बाद पहली बार वह आठ मार्च 2023 को पीड़िता के घर गया था। इसके बाद 22 मार्च 2023 को पीड़िता के जन्मदिन के दिन भी उसके घर गया। रात हो जाने के कारण उसी के घर रुक गया। पीड़िता को उसने झांसा दिया कि वह उससे विवाह करेगा। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। आरोपी पीड़िता को वह अंबिकापुर ले आया। यहां किराए के घर में उसे रखा। उसका विश्वास जितने के लिए माथे पर सिंदूर लगा विवाह का नाटक किया। दो अप्रैल 2023 को पहली बार आरोपी ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया।

पीड़िता को घर ले जाकर किया प्रताड़ित
इसके बाद जब युवती ने घरवालों से मुलाकात की जिद की तो आरोपी उसे लेकर अपने घर गया। यहां उसे पता चला कि युवक दूसरे मत का है और उसे धोखा दिया है। इस पर उसने आपत्ति की तो आरोपी उसे प्रताड़ित करने लगा। उसका मोबाइल भी ले लिया। किसी तरह पीड़िता उसके चंगुल से छूटकर घर चली गई। तब आरोपी ने उसे धमकाया की वह उसके फ़ोटो और वीडियो प्रसारित कर देगा। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी की। आरोपी को न्यायलय के आदेश पर जेल भेज दिया। जांच के पश्चात पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने आरोपी राजा अंसारी को धारा 417 तथा धारा 376 (2)(एन) का दोषी पाया।

अदालत ने आरोपी को धारा 417 के तहत एक वर्ष कारावास तथा 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 376 (2)(एन) के तहत आजीवन कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार
अभियोजन की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी के द्वारा अपनी पहचान एवं विवाहित होने के तथ्य को छिपाकर पीड़िता के साथ छलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाकर उसका यौन शोषण किया है, जो गंभीर प्रकृति का अपराध किया है। यदि ऐसे प्रकरणों में कठोर दण्ड नहीं दिया जाएगा तो समाज में विपरीत प्रभाव पड़ेगा तथा यौन अपराध के प्रकरणों में अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।

सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा है कि आरोपी के द्वारा किया गया यौन हिंसा अमानवीयकरण कार्य होने के अतिरिक्त महिला के गोपनीयता एवं पवित्रता के अधिकार का विधि विरूद्ध उल्लंघन है। यह महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार है और महिला के आत्मविश्वास एवं प्रतिष्ठा के प्रति अपराध है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *