ग्राम मलैकी में नहीं है बिजली पानी की सुविधा शासन प्रशासन मौन।

राजेंद्रग्राम/छबिलाल

जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्रामपंचायत परसेल में आने वाले ग्राम मलैकी में जीवन यापन करने वाले ग्रामीण पानी व बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन ने लाखों रुपये की लागत से नल जल योजना अंतर्गत लगाया है। लेकिन कोई काम का नहीं बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया मलैकी में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। गांव में पीने योग पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव की महिला एवं बच्चे कठिन रास्ते से गुजरते हुए घढ़े और बर्तनों में पानी भरकर नहाने कपड़े धोने और घरेलू उपयोग के लिए ग्रामीणों को इसी प्रकार दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों की परेशानी वहीं समाप्त नहीं होगी गांव के लोग आज भी नल मे पानी कब तक आएगा इंतजार में लगे रहते हैं लेकिन पानी न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश जनक साबित हो रहा है। 

गांव में नहीं है बिजली

गांव में करीब एक माह से लगातार आज भी बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन अपना जिम्मेदारी ना समझते हुए ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को प्रताड़ित किया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच को अवगत कराया जा चुका है उन्होंने बताया कि जब भी ग्रामीणों द्वारा इस विषय में पूछा जाता है तो सरपंच द्वारा यही कहा जाता है कि इस संबंध में आवेदन किया जा चुका है हालांकि लंबे समय से यही जवाब मिल रहा है लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए एवं विद्यार्थी बच्चों की पढ़ाई को मद्देनजर रखते हुए देखा जाए तो बिजली न होने से समय से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं जिससे बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने पहले ट्रांसफार्मर जल गया था उसके लिए हम चंदा लगाकर बिजली ऑफिस जाकर ऑफिसर को कह कर थक चुके हैं लेकिन देखने नहीं आ रहे हैं आज लगाएंगे कल लगाएंगे इस तरीके का बहाना बनाते हुए नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर गांव में पेयजल व्यवस्था बिजली आपूर्ति की मांग की है। इनका कहना है कि यदि जल्द ही इन मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्था नहीं दी गई तो ग्रामीणों को इसी प्रकार आगे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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