ग्वालियर नगर निगम ने संपत्ति कर पर 50% छूट की घोषणा की, 31 मार्च के बाद मिलेगा नहीं फायदा

ग्वालियर
शहर के नागरिक 31 मार्च तक अपना बकाया संपत्ति कर जमाकर वर्तमान वर्ष की सिर्फ संपत्तिकर की राशि में 50 प्रतिशत छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अन्यथा 31 मार्च के बाद उन्हें संपत्ति कर दोगुना भरना पड़ेगा। इसके लिए सभी कर संग्रहक क्षेत्र में जाकर नागरिकों को जानकारी दें और अधिक से अधिक संपत्ति कर जमा कराएं।

ये निर्देश नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने संपत्ति कर वसूली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार, उपायुक्त डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, मुकेश बंसल, रजनीश गुप्ता सहित सभी राजस्व निरीक्षक एवं कर संग्रहक उपस्थित रहे।

अधिकारियों को चेतावनी
निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि अभी तक लगभग 101 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली हुई है। 31 मार्च तक हर हाल में 125 करोड़ रुपये तक संपत्ति कर जमा कराना है। इसके साथ ही लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और सभी उपायुक्तों व राजस्व निरीक्षक को अगले सात दिवस का लक्ष्य देते हुए निर्देशित किया कि दिए गए लक्ष्य के अनुरूप संपत्ति कर वसूल नहीं होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम ने अब तक लगभग 101 करोड़ रुपए का संपत्ति कर वसूल किया है। 31 मार्च तक 125 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं।

लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी संपत्ति कर उपायुक्तों और राजस्व निरीक्षकों को आगामी सात दिनों का विशेष लक्ष्य दिया है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वसूली नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी सूची में कई शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं जिन्होंने अपने सेवा कर अब तक जमा नहीं किए हैं। इन बकायादारों पर लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि लंबित है।

बड़े बकायेदारों पर मदाखलत अमले के साथ होगी कार्रवाई
निगमायुक्त ने वसूली की समीक्षा करते हुए वार्डवार जानकारी ली और संबंधित राजस्व निरीक्षक व कर संग्रहक को आगामी सात दिवस में संपत्ति कर वसूली के लक्ष्य दिए। बैठक में यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी बड़े बकायेदारों से संपर्क करें और उनसे संपत्ति कर जमा कराएं। अगर कर जमा करने में आनाकानी करते हैं, तो मदाखलत अमले के साथ कार्रवाई करें।

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