सोने के भंडार में कौन टॉप पर? चीन टॉप-5 में नहीं, जानिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत की स्थिति

इंदौर 

सोना मुसीबत का सहारा होता है. परिवार हो या देश, दोनों सोना खरीदने से पीछे नहीं हटता. लेकिन क्या आप जानते दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास है? भारत के पास कितना सोना है? चीन के पास कितना सोना है? पाकिस्तान और बांग्लादेश के पास कितना सोना है? और पिछले कुछ महीनों में किस देश ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा है? 

हालिया दौर में गोल्ड और सिल्वर के दाम में लंबी छलांग देखने को मिली है. सोने के साथ चांदी की कीमत आसमान छू रही हैं.  आंकड़े बताते हैं कि बीते 5 साल में ही इसमें 265 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है. चीन, पोलैंड और तुर्की से लेकर भारत ने गोल्ड रिजर्व में इजाफा किया है. यहां के सेंट्रल बैंक गोल्ड खरीदने में आगे रहे, जबकि कई देशों ने गोल्ड रिजर्व को घटाया है, इनमें फिलीपींस से लेकर श्रीलंका का नाम शामिल है.  आइए जानते हैं सोना खरीदने और बेचने में कौन से देश सबसे आगे हैं और भारत किस नंबर पर आता है। 

किसने देश ने खरीदा सबसे ज्यादा सोना?
वर्ल्ड ऑफ स्टेटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते पांच साल यानी 2020 से लेकर 2025 तक सोना खरीदने के मामले में चीन नंबर वन पर है. चीन ने बीते पांच साल में 357.1 टन गोल्ड की खरीदारी की है. हालांकि जानकारों की मानें तो यह इससे भी ज्यादा हो सकता है. चीन के बाद गोल्ड खरीदने में पोलैंड का दूसरा स्थान है, जिसने बीते पांच साल के भीतर 314.6 टन सोना खरीदा है. तीसरे नंबर पर तुर्की का नंबर आता है, जिसने 251.8 टन गोल्ड खरीदा है। 

अमेरिका के पास सबसे ज्यादा सोना
अब आइए जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास पड़ा है. अमेरिका सबसे बड़े सोने के भंडार पर बैठा है, अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज्यादा 8,133 टन सोना है,  यह भंडार मुख्य रूप से 'फोर्ट नॉक्स' में सुरक्षित है। 
 
जर्मनी के पास अकूत सोना 
अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा सोना जर्मनी के पास करीब 3,350 टन है, जो कि उसे यूरोप में सबसे बड़ा स्वर्ण धारक बनाता है. वहीं इटली 2,452 टन सोने के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है. फ्रांस के पास करीब 2,437 टन सोने का भंडार है।        

चीन भी जमकर खरीद रहा है सोना
सोने के भंडार में 5वें नंबर पर रूस का नंबर आता है, वर्तमान में रूस के पास करीब 2,330 टन सोना है. यानी टॉप-5 में अभी भी चीन नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से चीन लगातार सोने का भंडार अपने यहां बढ़ा रहा है. चीन के पास वर्तमान में लगभग 2,313.5 टन सोना है. चीन पिछले 17 महीनों से लगातार अपने भंडार में सोना जोड़ रहा है. अगर चीन इसी गति से खरीदारी जारी रखता है, तो वह जल्द ही टॉप-5 देशों में शामिल हो सकता है।         
      
भारत के पास सोने का बड़ा भंडार
भारत का स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) साल 2026 में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास लगभग 880 टन सोना है. भारत लगातार अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोना खरीद रहा है. भारत न केवल सरकारी स्तर पर बल्कि निजी तौर पर भी दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में से एक है। 

भारत भी खूब खरीद रहा है सोना
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी खरीदारी की रफ्तार तेज कर दी है. फरवरी 2026 में भारत ने करीब 18 टन सोना खरीदा है. भारत पिछले कई महीनों से लगातार सोना खरीद रहा है ताकि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम की जा सके और अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित किया जा सके. भारत, चीन और रूस जैसे देश डॉलर के प्रभाव को कम करने के लिए सोने को एक ठोस विकल्प के रूप में देख रहे हैं।       

पाकिस्तान के पास महज इतना सोना 
पाकिस्तान के पास बेहद कम सोने का भंडार है, वैसे भी देश आर्थिक तौर पर बदहाल है. फिलहाल पाकिस्तान के पास लगभग 64.77 टन सोना सुरक्षित है. जो कि भारत के मुकाबले काफी कम है. बांग्लादेश के पास महज लगभग 14.28 टन सोना है। 
              
पोलैंड (Poland) सोना खरीदने में आगे

साल 2026 की शुरुआती आंकड़ों (फरवरी-मार्च 2026) के मुताबिक दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों में सोना खरीदने की होड़ मची हुई है. पिछले एक से दो महीनों में जिन देशों ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा है, उसमें पोलैंड का नाम सबसे ऊपर है. फरवरी 2026 में पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने अकेले 20 टन सोना खरीदा है, पोलैंड का लक्ष्य अपने कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 20% हिस्सा सोने में बदलना है।       

उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) ने खरीदा सोना 
उज्बेकिस्तान ने फरवरी-मार्च के दौरान लगभग 8 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा है. यह पिछले लगातार 5 महीनों से सोने का शुद्ध खरीदार बना हुआ है. कजाकिस्तान ने भी हाल ही में अपनी सक्रियता बढ़ाई है और पिछले महीने लगभग 8 टन सोना खरीदा है।  

गोल्ड खरीदने में भारत किस नंबर पर?
चौथे नंबर पर भारत है, जिसने 245.3 टन सोना खरीदा. इसके अलावा ब्राजील ने 105.1 टन, अजरबैजान ने 83.6 टन, थाईलैंड ने 80.6 टन, हंगरी ने 78.5 टन सोने और सिंगापुर ने 77.3 टन गोल्ड खरीदा है. ईरान ने 74.612, कतर ने 73.013, रूस ने 55.4 टन और यूएई ने 51.7 टन सोना खरीदा. टॉप-15 की लिस्ट में पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के बाद सोने के दाम में 265 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। 

सोना बेचने में कौन से देश आगे?
बीते पांच साल में गोल्ड बेचने के मामले में फिलीपींस पहले स्थान पर है, उसने 65.2 टन गोल्ड बेचा है. दूसरे नंबर पर कजाकिस्तान है, जिसने इस दौरान 52.4 टन सोना बेचा. श्रीलंका ने 19.1 टन गोल्ड की बिक्री की. जर्मनी का गोल्ड रिजर्व भी 16.3 टन घटा है. मंगोलिया ने 15.9 टन सोना बेचा. इसके अलावा ताजिकिस्तान ने 11.9 टन, कोलंबिया ने 9.2 टन और फिनलैंड ने 5.4 टन गोल्ड की बिक्री की। 

 

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