लखनऊ
उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) के तहत संचालित उन बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीटवार बुकिंग कर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 9 से 11 जून तक प्रदेशव्यापी विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के प्रमुख मार्गों, एक्सप्रेस-वे और टोल प्लाजाओं पर 24 घंटे प्रवर्तन दल तैनात रहेंगे। विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, ताकि नियमों के विपरीत संचालित हो रही बसों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
अवैध यात्री परिवहन पर रहेगी विशेष नजर
परिवहन विभाग के अनुसार, कुछ पर्यटक परमिट धारक बसें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग यात्रियों को सीटवार टिकट बेचकर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं, जो परिवहन नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने और अवैध यात्री परिवहन को नियंत्रित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
संयुक्त टीमें करेंगी कार्रवाई
डॉ. उदित नारायण ने बताया कि अभियान के दौरान परिवहन विभाग, यात्रीकर अधिकारियों और रोडवेज अधिकारियों की संयुक्त टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच करेंगी। चेकिंग के दौरान दस्तावेजों, परमिट की शर्तों और संचालन प्रणाली की गहन पड़ताल की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गौतमबुद्ध नगर में पहले से जारी है कार्रवाई
उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में प्रवर्तन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। मई माह के दौरान 242 बसों की जांच की गई, जिनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा वाहनों पर बकाया 67 लाख रुपये का कर भी जमा कराया गया।
यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर
परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध यात्री परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परिवहन नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना है। विभाग को उम्मीद है कि विशेष चेकिंग अभियान के माध्यम से नियमों के विरुद्ध संचालित हो रही बसों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।