भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। बुंदेलखंड एक नए निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य इस क्षेत्र की प्रगति को नई गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड अब बदल रहा है। बुंदेलखंड के किसानों ने पानी के अभाव में गरीबी झेली और कई कठिनाइयां उठाईं। रोजगार की भारी कमी का दंश भी झेला। लेकिन अब हम केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के जरिए बुंदेलखंड को समृद्ध बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पूरी होने पर यह क्षेत्र खेती के मामले में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस विशाल परियोजना से टीकमगढ़ जिले की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों के खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचेगा और उनकी आय में ऐतिहासिक वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ जिले को 189 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 72 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 102.45 करोड़ रूपए के 33 कामों का लोकार्पण और 86.66 करोड़ रुपए के 39 कामों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि टीकमगढ़ में सर्वसुविधायुक्त भव्य मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसका भूमिपूजन भी शीघ्र ही किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज टीकमगढ़ जिले को अमृत भारत रेलवे स्टेशन की बड़ी सुविधा मिली है। इसके साथ-साथ जतारा और बड़ागांव धसान में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय भवनों और सोलह विद्यालयों में विभिन्न श्रेणी के नव-निर्माण कार्यों का उपहार भी मिला है। इतना ही नहीं, हमारे युवाओं और खिलाड़ियों के लिए हॉकी सिंथेटिक एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम और बास्केटबॉल कोर्ट का भी लोकार्पण हुआ है। खरगापुर में 40 करोड़ रूपए से बनने वाले नए सांदीपनि विद्यालय भवन का भूमिपूजन भी आज हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते समय की जरूरतों के मुताबिक प्रदेश के बच्चों को सांदीपनि विद्यालयों के जरिए संस्कारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। हमारे ये विद्यालय भगवान कृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता के पर्याय बने हैं। भविष्य में युवा पीढ़ी को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए जैसे विद्यालय चाहिए, आज उन्हें वैसे ही विद्यालय उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक सिंचाई का रकबा मात्र 7.50 लाख हेक्टेयर था। हमारी सरकार में प्रदेश की सिंचित भूमि का रकबा बढ़कर अब 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। हम एक करोड़ हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर सौगात दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विवाह, तलाक और वसीयत के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के सभी देवस्थानों को भव्य स्वरूप में विकसित कर रही है। समान भाव से कार्य करते हुए सभी धर्मों, सभी समाज के लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत अगर रानी को हर माह 1500 रुपए मिल रहे हैं तो रुखसाना को भी इस योजना का पूरा लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना और अन्य योजनाओं के जरिए पशुपालकों को अनुदान और अन्य मदद भी दी जा रही है। गौशाला खोलने पर प्रति गौमाता 40 रुपए की आर्थिक/अनुदान सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को उत्पादित दूध का समुचित दाम भी मिलने लगा है। हमारे मछुआरें भाई-बहनों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार मत्स्य उत्पादन को भी प्रोत्साहित कर रही है।
कार्यक्रम को पूर्व मंत्री एवं जतारा के वर्तमान विधायक हरिशंकर खटीक ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।