सागर
अब तक राशन के पात्र परिवारों को बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन मिलता है, लेकिन साल के अंत तक राशन फेस रिकग्निशन की व्यवस्था के तहत मिलेगा. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि साल के अंत तक पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों से फेस रिकग्निशन के माध्यम से राशन वितरण की योजना है. ये व्यवस्था दिसंबर 2026 तक प्रदेश भर में लागू कर दी जाएगी।
अभी तक लागू है बाॅयोमैट्रिक वेरिफिकेशन व्यवस्था
सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन वितरित किया जा रहा है. व्यवस्था के तहत पीओएस मशीन में फिंगर और थंब इंप्रेशन सही पाए जाने पर राशन मिलता है. ऐसे में जो वृद्ध और दिव्यांगजन राशन दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं और उनका बाॅयोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो सकता है या विफल रहता है. ऐसे हितग्राहियों को उनके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन दिया जाता है।
ऐसे प्रदेश में 44 हजार 671 राशन हितग्राही हैं, जिनके परिवार के सदस्यों को नॉमिनी बनाकर राशन दिया जा रहा है. अब दिसंबर 2026 से फेस रिकग्निशन व्यवस्था के तहत राशन मिलेगा, जिसमें हितग्राही के फेस पैटर्न को एआई टूल्स के जरिए पहचानकर राशन वितरण किया जाएगा।
15 अप्रैल तक होगा राशन वितरण
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, '' मार्च 2026 में 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन राशन एक करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को वितरित किया जा चुका है. जो परिवार या हितग्राही अब तक राशन नहीं ले पाए हैं, उनको 15 अप्रैल तक राशन वितरण किया जाएगा.''
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आगे बताया, '' मध्यप्रदेश के 36 हजार 486 परिवार अन्य राज्यों में राशन लेते हैं. वहीं, अन्य राज्यों के 7 हजार 252 परिवार मध्यप्रदेश में राशन लेते हैं. वहीं अंतर जिला पोर्टेबिलिटी के तहत 18 लाख 55 हजार 554 परिवारों द्वारा अन्य जिले/अन्य दुकान से राशन लिया है. इस प्रकार तय दुकान से राशन लेने की बाध्यता न होकर अपनी पसंद और पास की दुकान से राशन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सभी पात्र परिवारों को सुविधाजनक तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है।