चीन में ट्रंप की हुई किरकिरी? शी जिनपिंग के बयान से मचा वैश्विक सियासी तूफान

बीजिंग 

ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी चीन में हैं. पश्चिम एशिया संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर है.डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. जिनपिंग से मिलते ही ट्र्ंप के सुर बदले दिखे. चीन में डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग के तारीफों के पुल बांधे. जिनपिंग को महान नेता बताया. उन्हें अच्छा दोस्त कहा. मगर इसके उलट डोनाल्ड ट्रंप को जलालत झेलनी पड़ी. जी हां, शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप की घनघोर बेइज्जती कर दी. अमेरिका को उनके सामने ही डिक्लाइनिंग नेशन यानी गिरता हुआ देश बता दिया. दिलचस्प बात यह रही कि डोनाल्ड ट्रंप भी जिनपिंग के इस बात से सहमत दिखे। 

सबसे पहले जानते हैं कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को लेकर ट्रंप के आगे क्या कहा. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कूटनीतिक मुलाकात के दौरान एक ऐसा बयान सामने आया, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया. जिनपिंग ने अमेरिका को पतन की ओर जाता देश या गिरता हुआ देश बताया. बीजिंग में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान जिनपिंग ने जिस अंदाज में अमेरिका को गिरता हुआ देश बताया, उसे ट्रंप के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है. हालांकि, ट्रंप इस बयान का अलग मतलब समझा रहे हैं। 

ट्रंप ने बाइडन प्रशासन को लपेटा

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि शी जिनपिंग का यह बयान पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल को लेकर था. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की उन टिप्पणियों की नई व्याख्या दी. ट्रंप ने तर्क दिया कि जिनपिंग का इशारा खास तौर पर जो बाइडेन के कार्यकाल और उस वक्त हुए अमेरिका को नुकसान की ओर था, न कि उनके प्रशासन के तहत अमेरिका की स्थिति को लेकर था. ट्रंप ने अपने तरह से उस बयान को समझाते हुए कहा कि उनके दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिका फिर से दुनिया की सबसे ताकतवर आर्थिक और सैन्य शक्ति बन गया है। 

ट्रंप ने अपनी सरकार का किया बचाव
डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट कर अमेरिका की मौजूदा वैश्विक स्थिति का बचाव किया और एक बार फिर बाइडेन के राष्ट्रपति काल की आलोचना की. ट्रंप ने लिखा, ‘जब राष्ट्रपति शी ने बहुत ही नजाकत से अमेरिका को एक ‘संभवतः पतनशील राष्ट्र’ कहा तो उनका इशारा ‘स्लीपी जो बाइडेन’ और बाइडेन प्रशासन के चार वर्षों के दौरान हुए भारी नुकसान की ओर था. और इस मामले में शी जिनपिंग 100% सही हैं। 

हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया कि ट्रंप शी जिनपिंग के किस बयान का जिक्र कर रहे थे. क्या वह निजी बातचीत में कही गई बात थी या बीजिंग में सार्वजनिक रूप से कही गई थी. दौरे के पहले दिन शी जिनपिंग ने ‘पतनशील राष्ट्र’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन उन्होंने ‘थ्यूसिडिडीज ट्रैप’ में फंसने को लेकर जरूर चेतावनी दी. यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक अवधारणा है, जिसमें एथेंस के उदय से स्पार्टा की सत्ता को चुनौती मिली थी। 

जिनपिंग ने क्या कहा था
बीजिंग में अपने शुरुआती संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा था, ‘दुनिया एक नए मोड़ पर आ गई है. क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसिडिडीज ट्रैप’ से बच सकते हैं और बड़ी शक्तियों के संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं?’ ट्रंप के साथ बैठक के दौरान शी ने ‘सदी में पहले कभी न देखे गए बड़े बदलावों’ का भी जिक्र किया, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाले वैश्विक व्यवस्था से हटने के संकेत के तौर पर देखा गया। 

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने आगे बाइडेन प्रशासन पर ‘खुली सीमाएं, ऊंचे टैक्स, खराब व्यापार समझौते, बढ़ता अपराध’ और अन्य नीतियों के जरिए नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. ट्रंप ने विविधता, समानता और समावेशन (DEI) पहलों और ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़ी नीतियों की भी आलोचना की। 

अपनी तारीफ में क्या कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका अब आर्थिक और सैन्य रूप से मजबूत हो रहा है, जिसमें ‘स्टॉक मार्केट्स अपने उच्चतम स्तर पर’, मजबूत रोजगार बाजार और वैश्विक स्तर पर फिर से प्रतिष्ठा हासिल करने की बात कही. उन्होंने ‘ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करने’ का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका एक बार फिर ‘आर्थिक महाशक्ति’ बन गया है. ट्रंप ने आगे कहा कि शी ने उन्हें ‘अद्भुत सफलताओं’ के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि वॉशिंगटन और बीजिंग के रिश्ते बेहतर होंगे। 

जिनपिंग से सहमत हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दो साल पहले तक हम सच में एक पतनशील राष्ट्र थे. इस पर मैं राष्ट्रपति शी से पूरी तरह सहमत हूं. लेकिन अब, अमेरिका दुनिया का सबसे आकर्षक देश है और उम्मीद है कि हमारा चीन के साथ रिश्ता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और बेहतर होगा। 

 

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