जयपुर
राजस्थान विधानसभा में इस बार बुद्ध पूर्णिमा का अवसर दोहरी खुशी लेकर आया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए विधानसभा सचिवालय के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं. डॉ. देवनानी का यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है.
उप सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक
इस पदोन्नति सूची की खास बात यह है कि इसमें पदानुक्रम के हर स्तर का ध्यान रखा गया है. आदेश के अनुसार, 6 उप सचिव, 7 सहायक सचिव और 8 अनुभाग अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है.
इनके साथ ही सहायक अनुभाग अधिकारी, क्लर्क ग्रेड प्रथम व द्वितीय के पदों पर भी नियुक्तियां दी गई हैं. विशेष तकनीकी और शैक्षणिक पदों जैसे संपादक, पुस्तकालयाधिकारी और विधि रचना अधिकारी को भी इस सूची में स्थान मिला है.
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ
डॉ. देवनानी ने इस बार उन कर्मचारियों की सुध ली है जिनकी पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई थी. कुल 52 कर्मियों में से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 12 जमादार शामिल हैं. विधानसभा के इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब मई माह के शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी संख्या में प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने इस त्वरित निर्णय के लिए स्पीकर का आभार व्यक्त किया है.
दो वर्षों में 121 प्रमोशन बना रिकॉर्ड
डॉ. वासुदेव देवनानी के कार्यकाल में पदोन्नति की यह तीसरी बड़ी लहर है. इससे पहले 15 अगस्त 2024 को 47 और दीपावली 2025 पर 22 कर्मियों को प्रमोशन दिया गया था. पिछले दो सालों के भीतर कुल 121 कर्मियों को तरक्की मिल चुकी है. स्पीकर ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति केवल ओहदे में वृद्धि नहीं है बल्कि यह जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति नए संकल्प का प्रतीक है.